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Showing posts from May, 2022

अस्पृश्यता : उत्तरदायी कौन?

          देश में आज भी छूआछूत जैसी कुरीतियां समाज में बनी हुई है। देश के कई हिस्‍सों से रोज़ाना दलित उत्‍पीड़न (Dalit Atrocities) की घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें पिछड़े समुदायों के साथ अमानवीय, हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। भारतीय संविधान (Indian Constitution) में छूआछूत को बड़ा अपराध घोषित किया गया है। ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष बाबासाहेब डॉ. बीआर अंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) ने शोषित, वंचितों को उनके अधिकार दिलाने और छूआछूत जैसी कुरीति को दूर करने के लिए इस बात पर जोर दिया था, क्‍योंक‍ि दलित समुदाय से होने और बचपन से इसका दंश झेलने के कारण वह भली भांति जानते थे कि अस्‍पृश्‍यता के कारण दलितों को क्‍या क्‍या दर्द झेलना पड़ता है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 (Article 17 of Indian Constitution in Hindi) अस्पृश्यता का अंत (Abolition of Untouchability) करता है। संविधान के इस अनुच्छेद के जरिये अस्पृश्यता का अंत किया जाता है और उसका किसी भी रूप में आचरण निषिद्ध है। इसके अनुसार, ‘अस्पृश्यता’ (Untouchability) से उपजी किसी निर्योग्यता को लागू करना अपराध होगा, जो वि...